Wednesday, September 21, 2011

अकेले बहुत हम है

वो कहते थे कि तुम्हारे हम हैं, पर पास हमारे अब गम ही गम हैं,
हमारी जान बनकर आये थे वो पास हमारे,पर अकेले अब हम हैं,
वो चले गए दूर हमसे, नीकाल कर जान हमारी,
उनके बिन बेजान हम हैं, उनके बिन अकेले बहुत हम है,

जिन्होंने सीखाया था प्यार करना हमे, उनके प्यार ससे महरूम हम हैं,
वो कह कर चल दिए कि तुम अपने रास्ते जाओ, अपने रास्ते हम हैं,
अब चले भी आओ और न तडपाओ सच कहते हैं, मर जायेंगे !
कि मजबूर बहुत हम हैं, उनके बिन अकेले बहुत हम हैं,


खुद ही मांग ली खुदा से ऐसी दुआ, कि इस कदर अकेले हम हैं,
असर इस कदर हुआ दूया हमारी का, खाली हाथ हम है,
कुछ नहीं रहा पास हमारे,चंद यादों के सीवा,
खुशनसीब थे वो साथ बिठाये पल, पर आज अकेले हम हैं,
उनके बिन अकेले बहुत हम हैं....................!!!!!!!!!!!!!

                                                  

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