Monday, September 19, 2011

असर इस कदर दुआ हमारी कर गयी

असर इस कदर दुआ हमारी कर गयी,
कि उन्हें हमसे मिलाया और जुदा भी कर गयी,
कभी सोचा न था ऐसा भी हो सकता है प्यार में,
शायद इसलिए वो गलती कि सजा भी अदा कर गयी,

मिलकर आते थे रोज़ ख्वाबों में उनसे,
चुनकर लिखते थे कुछ पल यादों से उनके,
पर आज कम्बखत याद भी हमसे दगा कर गयी,
ऐसी वो गलती कि सजा अदा कर गयी,

हमें तो ऐसा किस्मत ने मारा है,
के न डूबते हैं न तैर पाते हैं,
ऊपर से दुआ मुक़र्रर ऐसी सजा कर गयी,
कि उन्हें हमसे दूर और खफा कर गयी,

ऐ खुदा एक दुआ हमारी और कबूल कर दो,
"सकलानी " कि जिंदगी का ख़तम यंही फलसफा कर दो,
रोते हैं अकेले मैं बैठकर हम आज भी,
इनाम हमे वफ़ा हमारी ये अदा कर गयी,
उन्हें हमसे दूर और खफा कर गयी,
ऐसी वो गलती कि सजा अदा कर गयी,
                                     लेखक :-  संतोष कुमार सकलानी

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